
बलरामपुर/(शोएब सिद्दिकी) छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं बलरामपुर जिले के प्रभारी शफी अहमद ने केंद्र सरकार पर मनरेगा योजना को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने राजीव भवन बलरामपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि मोदी सरकार मनरेगा कानून में बदलाव कर गरीबों और मजदूरों से रोजगार का अधिकार छीनना चाहती है।
शफी अहमद ने कहा कि मनरेगा एक कानूनी गारंटी वाला कानून था, जिसके तहत हर ग्रामीण परिवार को न्यूनतम 100 दिन का रोजगार मिलता था। पहले मजदूरी की 100 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार देती थी, लेकिन अब 60–40 के अनुपात में राज्य सरकारों पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है, जिससे गरीब राज्यों में काम बंद होने की स्थिति बन रही है।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी जैसे संकट के समय मनरेगा योजना ने करोड़ों गरीब परिवारों को सहारा दिया था, लेकिन अब इसे प्रशासनिक योजना बनाकर धीरे-धीरे खत्म करने की कोशिश की जा रही है। नए प्रावधानों के तहत मजदूरों को यह तय करने का अधिकार भी नहीं रहेगा कि वे कब और कहां काम करेंगे।
प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने इसे गरीब और मजदूर विरोधी फैसला बताया है
प्रेस वार्ता के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बलरामपुर अध्यक्ष रिपुजित सिंह देव, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी चांदो अब्दुला खान, नगर पंचायत अध्यक्ष कुसमी राजेन्द्र भगत, संजीत गुप्ता (मुन्ना बरदर) प्रशांत विश्वास (छोटू बंगाली),
जनपद सदस्य समीर सिंह देव, विश्वजीय सिंह, जनपद सदस्य सीबी सिंह, सेवा दल से प्रेम सागर सिंह, बिगन दास, बैजनाथ, सूरजदेव ठाकुर, रामदेव जगते, बुद्धदेव सिंह पोया, राजा चौबे, करमदयाल राम, श्री मंतोष सरकार, रामानुजगंज से अजय गुप्ता,
अजय सोनी, डॉ इमरान, इस्लाम अंसारी, एवं अरुण दास सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

