ग्राम पंचायत भंवरमाल में मनरेगा घोटाले का खुलासा…

ग्रामीणों की शिकायत रंग लाई — पंचायत सचिव निलंबित, 1.50 लाख की वसूली के आदेश

बलरामपुर/जिला बलरामपुर–रामानुजगंज अंतर्गत ग्राम पंचायत भंवरमाल में मनरेगा योजना के तहत चल रहे कार्यों में भारी भ्रष्टाचार और अनियमितता का मामला सामने आया है। ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर को की गई शिकायत के बाद हुई जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद जिला पंचायत ने कड़ा कदम उठाते हुए तत्कालीन पंचायत सचिव सत्यनारायण सिंह को निलंबित कर दिया है, वहीं ₹1.50 लाख की राशि पंचायत खाते में जमा कराने के आदेश जारी किए गए हैं।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि पंचायत में सरपंच, रोजगार सहायक सचिव (सरपंच पुत्र) एवं पंचायत कर्मियों की मिलीभगत से फर्जी मास्टर रोल भरकर मजदूरी भुगतान कराया जा रहा है। कई ऐसे लोगों के नाम दर्ज किए गए जिन्होंने कभी काम ही नहीं किया। वहीं वास्तविक मजदूरों को रोजगार से वंचित रखा गया।

मनरेगा अंतर्गत बुढ़ुआर तालाब के पास शौचालय निर्माण कार्य हेतु ₹3 लाख की स्वीकृति दी गई थी, जिसमें से ₹1.50 लाख सामग्री खरीदी के नाम पर निकाल ली गई, लेकिन स्थल निरीक्षण में कोई सामग्री उपलब्ध नहीं पाई गई। इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए जिला पंचायत ने कार्रवाई की।

जांच में यह भी सामने आया कि भुगतान सरपंच अमृत सिंह एवं तत्कालीन पंचायत सचिव द्वारा डीएससी के माध्यम से किया गया। छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1999 एवं पंचायत सेवा नियम 1998 के तहत सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर जनपद पंचायत रामचंद्रपुर में अटैच किया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि- पंचायत में लंबे समय से मनरेगा सहित अन्य योजनाओं में गड़बड़ी चल रही थी, जिसकी शिकायत बार-बार की जा रही थी। अब जिला पंचायत की कार्रवाई से गांव में न्याय की उम्मीद जगी है।

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