विश्व क्षय दिवस पर 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान के दूसरे चरण का शुभारंभ

समय पर जांच एवं उपचार से टीबी मुक्त जिला की ओर अग्रसर बलरामपुर-रामानुजगंज

बलरामपुर/(शोएब सिद्दिकी) विश्व क्षय दिवस के अवसर पर बाजार पारा स्थित ऑडिटोरियम हॉल में 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान के दूसरे चरण का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में रेड क्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष ओम प्रकाश जायसवाल ने महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

इस अवसर पर कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, जनपद अध्यक्ष सुमित्रा चेरवा, नगर पालिका उपाध्यक्ष दिलीप सोनी, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष भानु प्रकाश दीक्षित सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया तथा 10 टीबी मरीजों को फूड बास्केट का वितरण किया गया।

रेड क्रॉस सोसायटी अध्यक्ष ओम प्रकाश जायसवाल ने कहा कि पहले टीबी को अत्यंत गंभीर और छुआछूत से जुड़ी बीमारी माना जाता था, लेकिन अब जागरूकता बढ़ने से लोगों की सोच में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और नियमित उपचार से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है।

कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने कहा कि जिले में 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान के तहत गांव-गांव जाकर जांच की जाएगी ताकि संभावित मरीजों की समय पर पहचान हो सके। उन्होंने लोगों से अपील की कि टीबी के लक्षण दिखने पर बीमारी छुपाने के बजाय तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच और उपचार कराएं तथा दवाइयों का नियमित सेवन करें।
जनपद अध्यक्ष सुमित्रा चेरवा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी के प्रति जागरूकता की कमी के कारण लोग खांसी को सामान्य समझकर उपचार नहीं कराते, जिससे बीमारी गंभीर हो जाती है। उन्होंने लोगों से समय पर जांच कराने की अपील की।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी विजय सिंह ने बताया कि पिछले एक वर्ष में 1,52,817 संभावित उच्च जोखिम वाले लोगों की पहचान की गई, जिनमें से 1,48,225 लोगों की स्क्रीनिंग पूरी कर ली गई है। अभियान के दूसरे चरण में जिले के 174 उच्च जोखिम वाले गांवों को चिन्हित कर एक्स-रे के माध्यम से जांच की जाएगी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में 20 ग्राम पंचायतों, 2024 में 147 तथा 2025 में 216 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। वर्ष 2025 में 16,021 संभावित मरीजों की जांच में 928 टीबी मरीज पाए गए, जिनमें से 554 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं जबकि शेष का उपचार जारी है।

जिला टीबी अधिकारी डॉ. अनुज टोप्पो ने बताया कि दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, वजन में कमी, बुखार और रात में पसीना आना टीबी के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराना आवश्यक है। टीबी की जांच और उपचार शासन द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है।

निक्षय वाहन को दिखाई गई हरी झंडी
कार्यक्रम में अतिथियों ने निक्षय वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन गांव-गांव जाकर चिन्हित लोगों की टीबी जांच करेगा और उन्हें आवश्यक परामर्श देगा। कार्यक्रम में गणमान्य नागरिक, मितानिन, छात्राएं तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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